Headline • विहिप की घोषणा, आम चुनाव से पहले ही होगा संतों की धर्म संसद का आयोजन, हिन्दू समाज को एकजुट रखने पर जोर• हाई री माई! आम्रपाली से शादी के बाद निरहुआ चलल ससुराल• स्वच्छता में कई पायदान की छलांग लगाई इलाहाबाद जंक्शन ने, कुंभ के दौरान मिलेगा फायदा• सुजैन ने सोनाली को लेकर लिखी इमोशनल पोस्ट, कितने भी तूफान आए लेकिन किनारे पर पहुंचना है• देवबंद के उलेमाओ का ऐलान, राष्ट्रीय गान से परहेज नहीं लेकिन कोई मुसलमान भारत माता की जय नहीं बोलेगा• Independence Day Special:  बदायूं के रुकुम सिंह ने छुड़ा दिए थे अंग्रेजों के छक्के, बेटा और बेटी से करवाया था रेलवे रेलवे ट्रैक पर विस्फोट• बाहुबली अतीक अहमद की 5 अवैध कॉलोनियों पर चला योगी का बुल्डोजर• कोर्ट परिसर में कुख्यात उधम सिंह का ऐलान, सुशील मूंछ को नहीं छोड़ूंगा, कत्ल करके लूंगा राणा की मौत का बदला• श्रीदेवी की फिल्मों की स्क्रीनिंग पर भावुक हुए बोनी, नहीं रूके बेटियों के आंसू• घायल हालत में गाय मिलने से गाजियाबाद के कनावनी इलाके में तनाव, स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच नोकझोंक• हिमाचल और उत्तराखंड में हो रही बारिश का कहर सहारनपुर में, भारी नुकसान, विधायक ने लिया जायजा• राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी के फ्लाईओवर का ये हाल, शिवपाल ने किया था उद्घाटन• तीज पर घुमाने के बहाने बेटी को शुक्रताल ले गया, फिर खिला दी सल्फास की गोलियां, खेल रहे बच्चों ने दी सूचना, फिर...• सरहद की रक्षा करते ब्रज का एक और लाल हुआ शहीद, यूपी सरकार देगी 25 लाख रु. की आर्थिक सहायता• लंदन : यूके पार्लियामेंट के बैरियर से टकराई तेज रफ्तार कार, कई घायल, ड्राईवर गिरफ्तार• योगी सरकार की पहल, रक्षाबंधन और करवा चौथ पर घर की महिला को दीजिए इज्जत घर और सरकार की ओर से पाइए सम्मान• Independence Day Special: सरबजीत जैसा मामला सामने आया हापुड़ में, पत्नी का दावा फौजी पति है पाकिस्तान की जेल में बंद• पतंग के धागे में राष्ट्रीय गान लिखकर अपनी प्रतिभा दिखाई, जमकर हो रही है तारीफ• स्वतंत्रता दिवस पर विशेषः खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी, जानें कैसे ली थी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों से टक्कर• भारतीय सेना ने लिया शहीद की शहादत का बदला, मार गिराए दो पाकिस्तानी सैनिक• साथियों की गिरफ्तारी की खबर सुनते ही अदालत पहुंचे आजम खान, बीजेपी पर साधा निशाना• दलित को नहीं मिली सरकारी सुविधाएं, न राशन कार्ड न रसोई गैस, अब सरकार से मांगी इच्छा मृत्यु• इस दिन इटली में होगी दीपिका और रणवीर की शादी, डेट हुई कंफर्म• मुस्लिम शख्स को कांवड़ लाना पड़ा भारी,मस्जिद में नहीं पढ़ने दी गई नमाज,दी हुक्का-पानी बंद करने की धमकी• बांदा : लूट के बाद बदमाशों ने बैंक के कैशियर को मारी गोली, इलाज के दौरान तोड़ा दम


नई दिल्लीः एक मुस्लिम व्यक्ति अपनी दिवंगत हिन्दू पत्नी के लिए श्राद्ध करना चाहता था, लेकिन राजधानी नई दिल्ली के एक बंगाली-बहुल इलाके की मंदिर सोसायटी ने उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं दी, क्योंकि उनका मानना था कि मुस्लिम व्यक्ति से शादी करने के बाद महिला हिन्दू नहीं रही, भले ही उसने अपना धर्म नहीं बदला था।

धर्म परिवर्तन किए बिना अंतर-धार्मिक विवाह की अनुमति देने वाले स्पेशल मैरिजिज़ एक्ट के तहत 20 साल पहले शादी करने वाले और कोलकाता में बसे इम्तियाज़ुर रहमान की पत्नी निवेदिता घटक का देहांत पिछले सप्ताह दिल्ली में मल्टी-ऑर्गन फेल्योर की वजह से हुआ था। निवेदिता घटक का अंतिम संस्कार दिल्ली के ही निगम बोध घाट पर हिन्दू रीति-रिवाज़ से किया गया था, लेकिन चितरंजन पार्क इलाके की मंदिर सोसायटी ने परिवार को श्राद्ध करने की अनुमति नहीं दी।

पश्चिम बंगाल सरकार में सहायक आयुक्त (वाणिज्यिक कर) के पद पर काम करने वाले इम्तियाज़ुर रहमान का कहना है कि उन्होंने 6 अगस्त को काली मंदिर सोसायटी में 12 अगस्त की बुकिंग कर ली थी, और उसके लिए 1,300 रुपये का भुगतान भी कर दिया था। लेकिन बाद में मंदिर सोसायटी ने उन्हें बताया कि ’ज़ाहिर कारणों से’ उनकी बुकिंग रद्द कर दी गई है।

मंदिर सोसायटी के प्रमुख अशिताव भौमिक ने बताया कि इम्तियाज़ुर रहमान का अनुरोध ’एक से अधिक कारणों’ से स्वीकार नहीं किया जा सका। उन्होंने आरोप लगाया कि इम्तियाज़ुर रहमान ने ’अपनी पहचान छिपाई’, और बुकिंग अपनी बेटी इहिनी अम्बरीन के नाम से करवाई थी, ’जो अरबी या मुस्लिम नाम जैसा नहीं लगता है।

अशिताव भौमिक ने कहा, “हमें उनकी धार्मिक वास्तविकता का पता तब चला, जब एक पुजारी को संदेह हुआ, और उन्होंने इम्तियाज़ुर रहमान से उनके गोत्र के बारे में सवाल किया... ज़ाहिर है, उनके पास कोई जवाब नहीं था। उनकी पत्नी को मुस्लिम से शादी करने की वजह से हिन्दू नहीं माना जा सकता, क्योंकि विवाह के उपरान्त महिला अपने ससुराल का उपनाम तथा मान्यताओं को अंगीकार कर लेती है। 

जब उनसे कहा गया कि मंदिर सोसायटी काल्पनिक डर के साये में हैं, अशिताव भौमिक ने कहा कि यदि इम्तियाज़ुर रहमान को अपनी पत्नी के लिए यह संस्कार करना इतना ज़रूरी था, तो उन्हें कोलकाता में करना चाहिए था। उन्होंने सवाल किया, “वह दिल्ली में ऐसा क्यों करना चाहते थे...? वह यह काम अपने घर कोलकाता में क्यों नहीं करते...?“

उधर, इम्तियाज़ुर रहमान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि धर्म उनके लिए व्यक्तिगत मामला है, और हिन्दू धर्म का पालन करने वाली उनकी पत्नी के साथ उनके रिश्ते में कभी इस बात से फर्क नहीं पड़ा। 

संबंधित समाचार

फ़टाफ़ट खबरे

 

live-tv-uttrakhand

live-tv-rajasthan

ब्लॉग

लीडर

  • उमेश कुमार

    एडिटर-इन-चीफ,समाचार प्लस

    उमेश कुमार समाचार प्लस के एडिटर इन चीफ हैं।

  • प्रवीण साहनी

    एक्जक्यूटिव एडिटर

    प्रवीण साहनी पत्रकारिता जगत का जाना-माना नाम और चेहर...

आपका शहर आपकी खबर

वीडियो

हमारे एंकर्स

शो

:
:
: