Headline • पीएम मोदी का लोकसभा चुनाव के शानदार प्रदर्शन पर ट्वीट साथ+सबका विकास+सबका विश्वास=विजयी भारत। • लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: अमेठी में राहुल और स्मृति के बीच कड़ी टक्कर• लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: राजनीति में गंभीर की शानदार पारी, बड़ी जीत की ओर • लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: PM मोदी की सुनामी लहर में ढहा UPA• फ्रांस में भारतीय वायु सेना के राफेल कार्यालय पर कुछ अज्ञात लोगों द्वारा की गई तोड़फोड़ • चुनाव आयोग ने वीवीपीएटी की पर्चियों के ईवीएम से मिलान को लेकर विपक्षी दलों की मांग को किया खारिज • लोकसभा चुनाव 2019: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का पार्टी कार्यकर्ताओं को संदेश फर्जी एग्जिट पोल से न हों निराश• ब्राजील के बार में हमलावरों ने की अंधाधुंध फायरिंग, 11 लोगों की हुई • कांग्रेस ने नकारा एग्जिट पोल कहा इसके विपरीत होगा चुनाव परिणाम • एग्जिट पोल में एक बार फिर मोदी सरकार, चुनाव आयोग से किया आग्रह • चीन के लिए जासूसी कर रहें पूर्व सीआइए अफसर को अमेरिका ने को सुनाई 20 साल की सजा• PM पद के लिए राहुल गांधी को मिला जेडीएस प्रमुख देवगौड़ा का समर्थन• लोकसभा चुनाव 2019: पीएम मोदी और अमित शाह की पहली संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस • समलैंगिक विवाह को ताइवान ने दिया वैधानिक दर्जा • साध्‍वी प्रज्ञा पर बोले पीएम मोदी ''मैं उन्‍हें कभी माफ नही कर पाऊंगा''• ऑस्ट्रिया सरकार ने प्राथमिक स्कूलों की लड़कियों के हिजाब पर प्रतिबंध लगाने का कानून पारित किया• लोकसभा चुनाव 2019: चुनाव आयोग पर बरसीं ममता बनर्जी, चुनाव आयोग को BJP का भाई बताया • राहुल का पीएम मोदी पर हमला पीएम सोचते हैं एक व्यक्ति देश चला सकता है• बंगाल में अमित शाह की रैली के दौरान हिंसा के विरोध में जंतर-मंतर पर भाजपा का प्रदर्शन• बंगाल में रोड शो से पहले मोदी-शाह के पोस्टर उतरे • मैं कभी PM के परिवार का नहीं करूंगा अपमान: राहुल गांधी• भारत को ही क्‍यों बेच रहा एफ-21 लड़ाकू विमान अमेरिका • बिहार में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर सादा निशाना• PM मोदी पर मायावती के विवादित बयान पर जेटली का हमला किसी पद के लायक नहीं बसपा सुप्रीमो• विकीलीक्‍स संस्‍थापक जुलियन असांजे के खिलाफ स्‍वीडन में दोबारा खुल सकता है यौन उत्‍पीड़न मामला


रायबरेली: सरकार प्रदेश भर में वृद्ध व निराश्रित लोगों की देखभाल करने के लिये करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है। विश्व बैंक से लेकर तमाम ऑर्गनाइजेशन अलग अलग योजना चलाकर उनके हित की बात कर रहे हैं। मगर इसके उलट जमीनी स्तर पर इसकी हकीकत कुछ और ही है।

आंख मूंद कर काम करने वाले अधिकारी व कर्मचारी जीवित को मृत बताकर उसकी पेंशन बन्द कर दे रहे हैं। आफिस में बैठे बैठे ही असहाय विधवा वृद्धा को कागजों पर मार डालने वाले इन अधिकारियों की मानवता दर दर की ठोकरें खा रही बूढ़ी नम आंखों को देख कर भी नहीं जागी।

दरअसल, कागजों में वो दो साल पहले ही मर चुकी है। सामने आने पर भी सरकारी बाबू इन्हें जीवित मानने को तैयार नहीं है। ये हम नही खुद सरकारी कागज बता रहे हैं। इनका नाम भगवत देइ है। और यह जिले की डलमऊ तहसील क्षेत्र के मुरैठी गांव को रहने वाली हैं।

कुछ समय पहले इनके पति की मृत्यु हो गयी थी तो इनके ऊपर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। इनको सरकार की तरफ से विधवा पेंशन मिलने लगी तो इनको लगा कि इनका वृद्धा अवस्था मे किसी के आगे हाथ नहीं फैलाने पड़ेंगे। मगर जिले के अधिकारियों ने ऐसी कलम चलाई कि अभिलेखों में भगवत देइ को जीते जी मार दिया गया।

वृद्धा भगवत देइ की माने तो लगभग दो वर्ष पूर्व उनके घर मे ब्लाक से सेक्रेटरी साहब कोई सर्वे करने आये और उनसे दस्तखत करवाये थे। तभी से उनकी पेंशन आना बंद हो गयी।

अब जब वह ब्लाक व तहसील से लेकर जिले के आलाधिकारियों के चक्कर लगाती हैं तो उनको यह कह कर वापस कर दिया जाता है कि आप तो मर चुकी हैं इसलिए आप की पेंशन बन्द कर दी गयी है। अब बेचारी वृद्धा को जिले के अधिकारियों व कर्मचारियों के सामने खुद के जिंदा होने का सबूत देना पड़ रहा है और अधिकारी है कि मानते ही नहीं।

संबंधित समाचार

:
:
: