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  नई दिल्लीः आर्थिक क्षेत्र में आशातित नतीजे नहीं आने से चिंतित मोदी सरकार ने 18 जनवरी को जीएसटी काउंसिल की बैठक बुलाई है। बजट से कुछ दिन पहले हो रही इस बैठक में अहम फैसले लिए जा सकते हैं। नये साल में हो रही पहली बैठक में पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने समेत कई अहम मांगों पर काउंसिल कोई फैसला ले सकती है।

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए जीएसटी काउंसिल में इन दोनों को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार हो सकता है। अगर ऐसा होता है पेट्रोल और डीजल काफी सस्ता हो सकता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली और पेटृोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग कर चुके हैं।

18 जनवरी को होने वाली इस बैठक में रियल इस्टेट को जीएसटी के तहत लाने पर भी फैसला हो सकता है। खुद वित्त मंत्री अरुण जेटली इसका संकेत दे चुके हैं कि रियल इस्टेट को जीएसटी के तहत लाया जाएगा।

इस मीटिंग में जीएसटी टैक्स स्लैब पर भी निर्णय हो सकता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली समेत अन्य केंद्रीय नेता ये कह चुके हैं कि जीएसटी में मौजूदा टैक्स स्लैब को कम किया जा सकता है। 

 

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