Headline • यूपी - गरीब छात्रों को नए मेडिकल कालेजों में भी मिलेगा मौका• कर्नाटक : सरकार बचाने के लिए ज्योतिषियों और टोटकों की शरण में JDS नेता • पीसीबी पाकिस्तान के मुख्य चयनकर्ता इंजमाम पर करता रहा पैसों की बारिश, पर नहीं सुधरी टीम की हालत• अमेरिका ने हाफिज की पिछली गिरफ्तारियों को बताया 'दिखावा', कहा उसकी आतंकी गतिविधियों पर कोई फर्क नहीं पड़ा• CM कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने सिद्धू का इस्‍तीफा मंजूर किया• "कांग्रेस को चाहिए ' गांधी ' अध्यक्ष, वर्ना टूट जाएगी पार्टी"• यूपी बोर्ड के छात्रों को मिलेगा धीरूभाई अंबानी स्कॅालरशिप पाने का मौका • छपरा में मवेशी चोरी के आरोप में 3 लोगों की पिट-पिटकर हत्या • ट्रम्प का दावा - अमेरिकी युद्धपोत ने मार गिराया है होरमुज की खाड़ी में ईरानी ड्रोन• कर्नाटक : बीजेपी विधायकों के लिए सदन में ब्रेकफास्ट लेकर पहुंचे कर्नाटक के डेप्युटी सीएम• इमरान खान के अमेरिका दौरे से पहले पाक को झटका, नहीं मिलेगी अमेरिकी सहायता• पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी गिरफ्तार • 90 बीघे जमीन के लिए चली अंधाधुंध गोलियां, बिछ गई लाशें• धौनी के माता-पिता भी चाहते है कि वो अब क्रिकेट से संन्यास ले• चंद्रयान-2 की आयी डेट; 22 जुलाई को होगा लॅान्च • कुलभूषण जाधव केस : 1 रुपये वाले साल्वे ने पाकिस्तान के 20 करोडं रुपये वाले वकील को दी मात • कांग्रेस को नहीं मिल पा रहा नया अध्यक्ष , किसी भी नाम को लेकर सहमति नहीं• पाकिस्तान में मुंबई हमले का मास्टर माइंड हाफिज सईद गिरफतार • सावन मास के साथ शुरू हुई कांवड़ यात्रा• एपल भारत में जल्द शुरू करेगी i-phone की मैन्युफैक्चरिंग, सस्ते हो सकते हैं आईफोन• डोंगरी में इमारत गिरने से अबतक 16 लोगो की मौत, 40 से ज्यादा लोगो के मलबे में दबे होने की आशंका : दूसरे दिन भी रेस्क्यू जारी• मुंबई के डोंगरी में 4 मंजिला इमारत गिरी; 2 की मौत, 50 से ज्यादा लोगो के मलबे में फसे होने की आशंका• IAS टोपर को किया ट्रोल, मिला करारा जवाब • देर रात देखिये चंद्रग्रहण का नजारा, लाल नज़र आएगा चाँद • बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने भारत के लिए खोले बंद हवाई क्षेत्र ।


 

पश्चिमी देशों के कचरे के लिए अब एशियाई देश डंपिंग यार्ड नहीं बनेंगे। इसको लेकर अब एशियाई देशों के सुर लगभग एक जैसे ही हो गए हैं। आपको बता दें कि अब तक चीन, फिलीपींस, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम और इंडोनेशिया पश्चिमी देशों का कचरा लेते आ रहे थे। यही वजह थी कि पश्चिमी देशों लिए यह देश किसी डंपिंग यार्ड की ही तरह हो गए थे। अब पश्चिमी देशो के लिए ई-कचरा और प्लास्टिक कचरा का निवारण करने कि बड़ी समस्या है।  

इसकी वजह है कि पश्चिमी देशों से आ रहे कचरे में कई तरह का हानिकारक कचरा भी शामिल है, जो इन देशों के पर्यावरण के लिए घातक है। यही वजह है कि अब इन देशों ने इस कचरे को अपने यहां पर भेजने से इंकार कर दिया है। कुछ देशों ने तो पश्चिमी देशों से आए कचरे को वापस उसी देश में भेजने की भी तैयारी कर दी है।पश्चिमी देशों के कचरे को आयात करने वालों में केवल यही देश नहीं है। भारत की ही बात करें तो यहां यूरोप से मैटल, टैक्सटाइल और पुराने टायरों के साथ-साथ बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक कचरा भी आता है। इसके अलावा पाकिस्‍तान में भी काफी बड़ी मात्रा में ई-कचरा आता है। अफ्रीकी देश घाना में इस कचरे की वजह से हर वर्ष हजारों लोग मर जाते हैं। यहां पर दुनिया में सबसे अधिक कचरा खरीदने वाला देश घाना ही है।

संबंधित समाचार

:
:
: