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दरअसल अमेरिका में विमान बनाने वाली दिग्गज कंपनी लॉकहीड मार्टिन का मकसद अपने अमेरिकी, यूरोपीय और रूसी प्रतिस्पर्धियों से आगे रहना है । इस कंपनी का कहना है कि यदि भारतीय वायु सेना से 114 एफ-21 लड़ाकू विमान का करार हुआ, तो वह किसी और देश को यह जेट नहीं बेचेगी । इस लड़ाकू विमान से भारतीय नौसेना की ताकत कई गुना तक बढ़ जाएगी ।

हालांकि एफ-21 लड़ाकू विमान पर एक नजर डाले तो इसके जरिए कम ईंधन में ज्यादा दूरी तय की जा सकती है साथ ही इसकी क्षमता काफी ज्यादा है जिसके जरिए वजनी हथियारों को भी इसमें ले जाया जा सकता है । इसमें अडवांस इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम शामिल है । एफ-21 को भारतीय सेना के अनुसार, आधुनिक और काफी ऊंचाई तक उड़ने लायक बनाया गया है । इसके जरिए भारत और अमेरिका के बीच आधुनिक तकनीक में सहयोग भी बढ़ेगा । इस विमान को भारत के वायु सैनिक अड्डों से उड़ान भरने की क्षमता को देखते हुए डिजाइन किया गया है ।

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