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चीन को 28 साल का सबसे बड़ा झटका लगा है। वर्ष 2018 में दुनिया की दूसरी बड़ी इकोनॉमी चीन की इकोनॉमिक ग्रोथ 6.6 फीसदी रही, जो बीते 28 साल में सबसे कम रही। माना जा रहा है अमेरिका के साथ चल रही ट्रेड वार और एक्सपोर्ट में गिरावट से चीन को बड़ा नुकसान हुआ है। ऐसे में भारत के ग्रोथ के मामले में ड्रैगन से आगे निकलने की संभावनाएं काफी हद तक बढ़ गई हैं।

बीजिंग ने सोमवार को बताया कि चीन की अर्थव्यवस्था 2018 की आखिरी तिमाही में देश की जीडीपी कम होकर 6.6 फीसद हो गई, जो 28 सालों का सबसे कमजोर ग्रोथ रेट है।

चीनी जीडीपी के आंकड़ें हालांकि विश्लेषकों के अनुमान के मुताबिक ही हैं, जिसमें उन्होंने इसका जिक्र किया था। हालांकि उन्होंने किसी प्रोत्साहन पैकेज को देने की संभावना से इनकार किया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने टोक्यो के डाइवा इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च के चीफ रिसर्चर नाओटो सैटो के हवाले से बताया है, 'सरकार को अर्थव्यवस्था को समर्थन देना ही होगा। वह इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च को बढ़ा सकते हैं और बैंक के रिजर्व रखे जाने की मात्रा को कम कर सकते हैं। इसलिए हमें पूंजीगत खर्च को लेकर चिंतित होने की कोई जरूरत नहीं है।'

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