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ललितपुरः पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए जहां वकील खुद बहस करके न्यायाधीश से न्याय मांगते हैं लेकिन आज ललितपुर की न्यायालय परिसर में कुछ उल्टा ही देखने को मिला। वकील स्वयं जज के विरोध में खड़े हो गए। 

मामला ललितपुर न्यायालय का है। बार एसोसिएशन के बैनर तले सभी वकील एकत्रित होकर एडीजे मनोज शुक्ला का विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। सभी वकील एक साथ में एडीजे मनोज शुक्ला के विरोध में अभद्र नारे लगाते हुए उनके न्यायालय कक्ष तक पहुंचे और वहां नारेबाजी करते रहे एवं भीड़ में एकत्रित किसी ने उनके कक्ष तक चप्पल फेंक दी।   

सूचना पर पुलिस बल भी पहुंच गया जहां अधिवक्ताओं पुलिस की अभिवक्ताओं के साथ नोकझोक भी हुई।

मामला सीनियर अधिवक्ता जीवन धर लाल जैन को लेकर है। न्यायालय में बहस के दौरान जहां एडीजे ने  किसी बात को लेकर जैन को पुलिस कस्टडी में लेने के आदेश दिए।

जैन ने यह बात उन्होंने पत्र के माध्यम से बार एसोसिएशन को दी, जिससे सभी अधिवक्ताओं ने मीटिंग कर उनका विरोध शुरू कर दिया।

फिर एक साथ होकर जिला जज के चेंबर में पहुंचे जहां बातचीत के माध्यम से एवं इलाहाबाद हाईकोर्ट को इस प्रकार के मामलों की जानकारी देकर निर्णय लिए जाने की बात की गई।

वहीं अधिवक्ताओं ने एडीजे डकैती प्रभावित कोर्ट का बहिष्कार करते हुए कहा कि जब तक एडीजे मनोज शुक्ला का स्थानांतरण नहीं किया जाता या सस्पेंड नहीं किया जाता जब तक हम लोग एडीजे के न्यायालय में कोई भी केस नहीं लड़ेंगे। 

 

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