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सिंगापुरः दुनिया की मीडिया और लोगों की नजर कल होने वाली शिखर बातचीत पर टिकी है। यह बातचीत दो बड़े दो दुश्मनों के बीच जो होनी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शांति वार्ता के लिए सिंगापुर पहुंच चुके हैं। एक दुनिया के सबसे ताकतवर देश का राष्ट्रपति है, तो दूसरा एक छोटे से मुल्क का तानाशाह है।

अब दोनों सिंगापुर के सेंटोसा टापू के फाइव स्टार कपेला होटल में 12 जून को मुलाकात करेंगे। इसके चलते इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. सिर्फ सुरक्षा के लिए 50 करोड़ से ज्यादा का खर्च किया जा रहा है।

नार्थ कोरिया नेता किम जाॅन्ग उन को डर है कि अमेरिकी खूफिया एजेंसी सीआईए उसे गिरफ्तार कर सकती है। इसलिए किम जोंग कहां ठहरे हुए हैं, यह किसी को नहीं मालूम। किसी हवाईजहाज से वे पहुंचे इसकी जानकारी भी किसी को नहीं है। होटल में किस कमरे में तानाशाह ठहरे हुए है, यह सिंगापुर के पीएम भी नहीं जानते हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन की इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की निगाह टिकी हुई है। विश्व के कोने-कोने से तीन हजार पत्रकार सिंगापुर पहुंच चुके हैं। 

इस मुलाकात को मौजूदा वैश्विक राजनीति की सबसे बड़ी घटना माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि 12 जून इतिहास के पन्नों में हमेशा-हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगा, क्योंकि यह पहली बार है, जब उत्तर कोरिया और अमेरिका के सर्वोच्च नेता आमने-सामने आकर बातचीत करने जा रहे हैं।

 

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