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गोरखपुरः यहां के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन नहीं मिलने से 60 से ज्यादा बच्चों की मौत पर योगी सरकार ने लोगों को आंकड़ों में उलझाकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। सरकार की ओर से बताया गया कि इस साल मरने वालों की संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले कम है। प्रदेश सरकार ने शनिवार को कॉलेज के प्रिंसिपल राजीव मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। बच्चों की मौत की खबरें आने के बाद भी कई घंटे तक गायब रहे स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने आज सरकार का बचाव किया सिद्धार्थनाथ ने पिछले तीन साल के दौरान इंसेफेलाइटिस में हुई मौतों का आंकड़ा पेश कर यह जताना चाहा कि योगी सरकार के कार्यकाल के दौरान मौतों की संख्या कम हुई है।



लीपापोती में लग गई सरकार


-64 से ज्यादा लोगों की मौतों के बाद योगी सरकार अब पूरे मामले में लीपापोती में लग गई है।
-स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और आशुतोष टंडन ने पिछले तीन सालों के दौरान हुई मौतों का आंकड़ा पेश किया। दोनों ने कहा कि आक्सीजन की कमी से मौतें नहीं हुई है।
-गांव के लोग लास्ट स्टेज में बच्चों को अस्पताल लाते हैं। 2014 में कुल 567 मौतें हुई थीं। 2014 के अगस्त महीने में औसतन 22 मौतें हुई थी। 2015 में कुल 668 मौत हुई थी।
-2015 के अगस्त महीने में औसतन 22 मौत हुई। जबकि 2017 के अगस्त महीने में औसत 17 मौतें हुईं।
-योगी सरकार ने चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में एक जांच टीम बनाई गई है। जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-सीएम योगी नौ जुलाई और नौ अगस्त को कॉलेज आए थे लेकिन उन्हें गैस सप्लाई का भुगतान नहीं होने की जानकारी नहीं दी गई थी।
-दोनों मंत्रियों का कहना है कि उन्होंने साढ़े तीन चार घंटे हर पहलुओं को बारीकी से देखा है और उसे समझने का प्रयास किया।

ऑक्सीजन गैस की सप्लाई स्लो हुई थी

-यह सरकार संवेदनशील सरकार है। एक भी मौत होती है तो पता लगाया जाता है कि लापरवाही से हुई है या नहीं
-सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि सरकार घटना को ढकने की कोशिश नहीं कर रही है।
-दस तारीख को साढ़े पांच बजे ऑक्सीजन गैस की सप्लाई स्लो होने लगी थी। मीटर बीप करना शुरू कर दिया।
-गैस सप्लाई लो होने पर सिलेंडर लगाया जाता है। लेकिन यह व्यवस्था साढ़े ग्यारह बजे तक ही चली।
-साढे ग्यारह बजे से रात डेढ़ बजे तक गैस सप्लाई नहीं हो पाई। दो घंटे गैस सप्लाई बाधित थी। गैस सप्लाई बाधित होने से कोई मौत नहीं हुई है।
-गैस सप्लाई करने वाली कंपनी का भुगतान बाकी था। एक तारीख को पत्र लिखा। 5 तारीख को भुगतान कर दिया गया।

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